
अयोध्या
फैजाबाद बार में जोरदार नारेबाजी, लखनऊ की घटना के बाद अधिवक्ताओं में नाराज़गी
लखनऊ में जिस तरह अधिवक्ताओं को पीटा गया है उसे एक बार और सिद्ध हो गया है अधिवक्ताओं से किस कदर पुलिस नाराज रहती है, मौका मिलते ही आतंकवादी की तरह मारने पीटने लगते है…. जबकि पुलिस और अधिवक्ता दोनों ही कानून के पालनहार करने वाले और लोगों की मदद करने वाले होते है।
लखनऊ में कल की vdo जिस जिस ने देखी है वह समझ चुका हे कि योगी सरकार को कैसे कुछ अधिकारी परेशान करने की नियति से गलत फैसला लेकर बदनाम करवा रहे है, अधिवक्ताओं की नाराजगी से 2027 के चुनाव और गहरा असर होगा, चुकी यह मामला ताजा रहेगा…. बाकी सरकार जाने उसके लोग जाने
लेकिन पुलिस को समझना चाहिए कि आतंकवादी और अपने लोगों पे किस तरह प्रहार या कार्य व्यवहार करना चाहिए..
पुलिस और अधिवक्ताओं के 36 के आंकड़े लखनऊ घटना के बाद फिर जीवित हो उठे है, अब पूरे प्रदेश में हड़ताल चलेगी और एक दूसरे ओर FIR होगी, इस सबमे आम जनता का नुकसान होगा …..







